नजरिया न्यूज़, अररिया। Masoom ReZa.
विश्व बाल दिवस के अवसर पर बुधवार को अररिया जिले में मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और बच्चों के अधिकारों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला पदाधिकारी श्री अनिल कुमार ने सदर अस्पताल स्थित मातृ एवं शिशु अस्पताल में नवजात शिशुओं और माताओं के बीच बेबी किट का वितरण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। प्रशासन द्वारा संचालित यह पहल बच्चों की सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से की गई है।
कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी ने कहा कि बेबी किट वितरण का मुख्य लक्ष्य नवजात शिशुओं को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाना है। बेबी किट में गर्म कपड़े, टोपी, मोज़े, तौलिया, बेबी साबुन जैसी शिशुओं की दैनिक जरूरतों से जुड़ी वस्तुएँ शामिल हैं। साथ ही माताओं को पौष्टिक आहार मदर होर्लिंक्स तथा मातृ-शिशु देखभाल संबंधी जानकारी पुस्तिका भी प्रदान की गई, ताकि वे शुरुआती दिनों में शिशु की सही देखभाल कर सकें।
जिला प्रशासन के निर्देश पर जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी विश्व बाल दिवस के तहत विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। महादलित बस्तियों में कन्या शिशुओं के बीच विशेष रूप से बेबी किट वितरण कार्यक्रम संचालित है, जिसका पर्यवेक्षण जिला प्रोग्राम पदाधिकारी कर रहे हैं। इस दौरान माताओं को सरकारी योजनाओं, पोषण, पूर्ण टीकाकरण, स्वच्छता और देखभाल संबंधी जानकारी दी गई। महिला विकास निगम और समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के तहत माताओं व बच्चियों को लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया।
विश्व बाल दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न विद्यालयों में भी रंगोली प्रतियोगिता, पेंटिंग, दौड़, कबड्डी सहित कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली बेटियों को टी-शर्ट, कैप, और विजेताओं को स्कूल बैग, बैडमिंटन, फुटबॉल आदि देकर सम्मानित किया गया। विद्यालयों में आयोजित गतिविधियों का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना था। 
कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, सदर अस्पताल के डीएस, अस्पताल प्रबंधक, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, महिला विकास निगम के जिला मिशन समन्वयक, लैंगिक विशेषज्ञ सहित कई चिकित्सक और पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने बच्चों के अधिकारों और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए समाज के हर वर्ग में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया।























