लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अररिया के आजाद एकेडमी मैदान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि “बिहार में इस बार महागठबंधन की मजबूत सरकार बनना तय है।” उन्होंने कहा कि एनडीए के बीस साल के शासनकाल में बिहार का कोई विकास नहीं हुआ, बल्कि समाज में नफरत और विभाजन की राजनीति को बढ़ावा दिया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि देश में आज वोट के लिए नफरत फैलाई जा रही है। भाजपा और एनडीए के नेता सत्ता में बने रहने के लिए धर्म और जाति के नाम पर लोगों को बांटने का काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “जंगलराज की बात करने वाले आज पूरे देश में जंगलराज कायम किए हुए हैं।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी नफरत के इस माहौल में “मोहब्बत की दुकान” खोलने का काम कर रही है।
सभा में राहुल गांधी ने यह भी कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने पर बिहार में “देश ही नहीं, दुनिया का सबसे बेहतर यूनिवर्सिटी” खोला जाएगा, ताकि बिहार के नौजवानों को पढ़ाई और रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में भटकना न पड़े। उन्होंने मोदी सरकार को “वोट चोरी करने वाली सरकार” बताते हुए जनता से अपील की कि इस बार उन्हें सबक सिखाने का समय आ गया है।
इस मौके पर सांसद पप्पू यादव, महाराष्ट्र के विधायक साजिद पठान, कांग्रेस प्रभारी शाहनवाज आलम, अविनाश आनंद, मासूम रेजा, आबिदुर रहमान, जिला अध्यक्ष शाद अहमद, रहमत अली और तबरेज हसन सहित कई नेताओं ने मंच साझा किया। आबिदुर रहमान ने स्थानीय मुद्दों जैसे किसान, बाढ़ और बेरोजगारी की समस्या पर सरकार को घेरा।
पप्पू यादव ने कहा कि देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए एनडीए की सरकार को सत्ता से हटाना जरूरी है। कांग्रेस के नेताओं ने लोगों से अपील की कि “एनआरसी, सीएए और वक्फ बिल का समर्थन करने वाले दलों का खुलकर विरोध करें।”
सभा में मासूम रेजा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सीमांचल के मुसलमानों को घुसपैठिया बताकर उनका अपमान कर रहे हैं। अररिया गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है और भाजपा-जदयू इसे तोड़ने की नापाक कोशिश में हैं। अंत में सभी वक्ताओं ने एकजुट होकर कहा कि बिहार को नफरत नहीं, मोहब्बत और भाईचारे की राजनीति की जरूरत है, और यही कांग्रेस की राह है।























