नजरिया न्यूज़ बारसोई/कटिहार। राजकुमार साह।
बलरामपुर विधानसभा से चुनाव लड़ रहे वयोवृद्ध निर्दलीय प्रत्याशी सफीकुल हक प्रधान ने मंगलवार को अनुमंडल कार्यालय के समक्ष हाथ में तख्ती लेकर निवर्तमान विधायक महबूब आलम का चुनाव रद्द करने के साथ-साथ उनको गिरफ्तार करने की मांग की है। इस संबंध में श्री प्रधान ने आमरण अनशन की चेतावनी देते हुए कहा कि महबूब आलम ने अपने हलफनामा में अनेकों चीज को छुपाया है। उन पर कई आपराधिक मामले हैं हत्या का आरोप है। उसके बावजूद भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है।
इतना ही नहीं हलफनामे में गलत जानकारी देकर चुनाव आयोग को गुमराह करने का प्रयास किया है। हालांकि इसके अलावे भी संपत्ति के संबंध में अनेकों मामलों की जानकारियां छुपाईं गईं हैं। वहीं श्री प्रधान ने कहा कि उनके इन कारनामों के विरुद्ध जिला पदाधिकारी से लेकर चुनाव आयोग पटना और दिल्ली तक आवेदन भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी जानकारी जो छुपाई गई है। वह आबादपुर कांड संख्या 29/ 1994 और एस टी केस संख्या 136 / 1995 है। ये दोनों ऐसे कांड हैं जिसमें जिसमें महबूब आलम के विरुद्ध गंभीर आरोप है।
फिर भी इनके द्वारा जानकारियां छुपाई गई है। श्री प्रधान ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को चुनाव लड़ने का कोई हक नहीं है। उनके चुनाव को तुरंत रद्द करने और छुपाए गए मामलों में गिरफ्तार करने की मेरी मांग है। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द अगर प्रशासन ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो मैं यही अनुमंडल कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन पर बैठूंगा। वही श्री प्रधान के साथ सामाजिक कार्यकर्ता जहरुल इस्लाम और फखरुद्दीन अली अहमद भी थे। वही एक बायो वृद्ध व्यक्ति के द्वारा आमरण अनशन की चेतावनी देने पर प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गई है।
इस संबंध में पूछे जाने पर अनुमंडल पदाधिकारी आकांक्षा आनंद ने कहा कि देखिए नियम के तहत हमारे हाथ बंधे हैं जब वक्त था उस समय अगर हमारे पास किसी प्रकार की शिकायत आती तो जांचों उपरांत उस पर कार्रवाई हो सकती थी। परंतु अब मामला आगे बढ़ चुका है। सभी को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया गया है। सब लोग क्षेत्र में प्रचार कर रहे हैं। ऐसे में चुनाव आयोग के नियमानुसार हम लोग चुनाव रद्द नहीं कर सकते हैं। परंतु उन पर कार्रवाई हो सकती है। गलत के विरुद्ध एक्शन होगा उन्होंने कहा कि जिला पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित कार्यालय में भी सफीकुल हक प्रधान ने आवेदन दिया है। वहीं नियमानुरूप उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।























