बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार हर माह की तरह नवंबर माह में भी अररिया जिले के विभिन्न प्रखंडों में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया के अवर न्यायाधीश सह सचिव द्वारा आदेश जारी किया गया है। इन शिविरों का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान तक विधिक जानकारी पहुँचाना, गरीब व वंचित वर्ग को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता के बारे में जानकारी देना है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहला शिविर 2 नवम्बर 2025 को पंचायत सरकार भवन, पंचायत बरहकुम्बा, प्रखंड पलासी में आयोजित होगा। इसके बाद 8 नवम्बर को बिसहरी मंदिर वार्ड नं.-9, पानी टंकी, शिवपुरी (अररिया), 9 नवम्बर को पंचायत सरकार भवन, पंचायत मुरारीपुर, प्रखंड सिकटी, 16 नवम्बर को पंचायत सरकार भवन, पंचायत बिसहरिया, प्रखंड भरगामा, 23 नवम्बर को पंचायत सरकार भवन, पंचायत लैलोखर, प्रखंड कुर्साकांटा तथा अंतिम शिविर 30 नवम्बर को पंचायत सरकार भवन, पंचायत मोहनी, प्रखंड रानीगंज में आयोजित किया जाएगा।
इन शिविरों में संबंधित क्षेत्र के पैनल अधिवक्ता, पारा विधिक स्वयंसेवक (पी.एल.वी.), समाजसेवी एवं पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने इन सभी तिथियों पर नामित अधिवक्ताओं व स्वयंसेवकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया है, ताकि वे उपस्थित लोगों को उनके अधिकार, सरकारी कल्याणकारी योजनाएँ, घरेलू हिंसा, बाल अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं निःशुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया की जानकारी दे सकें।
अवर न्यायाधीश सह सचिव ने बताया कि इन विधिक जागरूकता शिविरों का मुख्य उद्देश्य न्याय को आमजन तक पहुँचाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे आयोजन से न केवल लोगों की कानूनी समझ बढ़ती है, बल्कि वे छोटे-छोटे विवादों को बिना मुकदमेबाजी के सुलझाने की दिशा में भी आगे बढ़ते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों में भाग लेकर अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त करें और दूसरों को भी जागरूक करें।






















