पलासी थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका दीदियों को मिलने वाली ₹10,000 की सरकारी सहायता राशि में भारी अनियमितताओं का आरोप लगा है।
स्थानीय महिलाओं ने पलासी प्रखंड की V.E.O बसंती देवी (पति: शंकर साह, निवासी: बालूगंज) और C.M रूबी देवी (पति: मंटू पंजियार, निवासी: मालद्वार) पर ₹5,000 की घूस मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित दीदियों का कहना है कि जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया, तो उन्हें धमकी दी गई कि उनका नाम योजना से हटा दिया जाएगा। आरोप है कि जिन महिलाओं ने पैसे दिए, उनके नाम सूची में जोड़ दिए गए और उन्हें राशि भी उपलब्ध करवा दी गई, जबकि पात्र लाभार्थियों को बाहर कर दिया गया।
इस मामले को लेकर पीड़ित मीरा देवी ने पलासी थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल सरकारी योजना के दुरुपयोग को उजागर करती है, बल्कि गरीब और मेहनतकश महिलाओं के अधिकारों का भी हनन है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना था, लेकिन भ्रष्टाचार की वजह से योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि दोषियों को कड़ी सजा दी जा सके।
पलासी थाना पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला न सिर्फ पलासी प्रखंड की महिलाओं की आवाज है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चेतावनी है कि सरकारी योजनाओं को बचाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है। पीड़ित महिलाएं उम्मीद कर रही हैं कि प्रशासन उनकी आवाज सुनेगा और उन्हें न्याय मिलेगा।























