नज़रिया न्यूज़, अररिया। विकाश प्रकाश। जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी नोटिस में बताया गया कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत जीविका समूह की महिलाओं को दी गई राशि पर किसी भी प्रकार से दबाव डालना या उसे लोन चुकाने के लिए वसूलना गैरकानूनी है।
प्रेस नोटिस के अनुसार, कुछ शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि कुछ महाजन और माइक्रो फाइनेंस संस्थाएं जीविका समूह की महिलाओं से जबरन इस योजना की राशि निकलवाने का दबाव बना रहे हैं। एसपी ने कहा कि यह महिलाओं की स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की दिशा में बाधा है तथा इस प्रकार की हरकत पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री रोजगार योजना की राशि का उपयोग केवल स्वरोजगार और आर्थिक उन्नति के लिए होना चाहिए, न कि पुराने कर्ज चुकाने में। उन्होंने जिले के सभी लाभार्थियों को आश्वस्त किया कि कानून उनके साथ है और किसी भी प्रकार की जबरदस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसपी ने नोटिस जारी कर यह भी कहा कि यदि किसी महिला या समूह को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है तो वह नजदीकी थाने में इसकी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। साथ ही, पीड़ित सीधे एसपी कार्यालय में भी शिकायत प्रस्तुत कर सकते हैं।
पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि दोषी पाए जाने वाले महाजन या माइक्रो फाइनेंस संचालकों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि मुख्यमंत्री रोजगार योजना का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंच सके और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।