नजरिया न्यूज़, अररिया। अररिया नगर थाना क्षेत्र के बिन टोला वार्ड नं. 8 की रहने वाली अंजू देवी ने अपने पति कन्हैया महतो से परेशान होकर उसे पकड़वाने की नीयत से पुलिस गश्ती दल को बुलाया। सूचना पर नगर थाना की गश्ती टीम बस स्टेशन नहर पुल पर पहुंची और कन्हैया महतो को पकड़ने का प्रयास करने लगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब पुलिस के प्रयास असफल होते दिखे तो जीप में तैनात राइफलधारी हवलदारों ने कन्हैया महतो को राइफल की बट से पीटना शुरू कर दिया और जबरन जीप में बैठाने की कोशिश की। इस दौरान हैरान कर देने वाली तस्वीर यह रही कि पिटाई के बावजूद कन्हैया महतो अपनी पत्नी से लिपटकर मिन्नतें करता रहा—“अब गलती नहीं करूंगा, मुझे माफ कर दो।”
इसके बाद भी जब पुलिसकर्मी उसे जीप में बिठाने की कोशिश कर रहे थे, तो स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए। भीड़ बढ़ते देख पुलिस अंततः कन्हैया महतो को वहीं छोड़कर वापस लौट गई।
आमतौर पर पति-पत्नी के विवादों में पुलिस समझाइश की भूमिका निभाती है, लेकिन इस मामले में पुलिस का रुख आक्रामक नजर आया। राइफल की बट से की गई पिटाई ने पुलिस के मानवीय चेहरे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने टिप्पणी की कि एक ओर पुलिस जनता के साथ संवेदनशीलता और सहयोग की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे मामलों में हिंसक रवैया अपनाती है।
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर पुलिस किस हद तक विवादों में दखल दे सकती है और क्या इस तरह की कार्रवाई से पुलिस की छवि पर नकारात्मक असर नहीं पड़ता?
नगर थाना प्रभारी से इस संदर्भ में जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे इस मामले में कोई जानकरी नहीं है।























