नजरिया न्यूज, (ब्यूरो रिपोर्ट), अररिया।
न्यायमंडल अररिया के एडीजे-06 सह पॉक्सो एक्ट के स्पेशल जज अजय कुमार की अदालत ने 17 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना प्रमाणित होने पर जिले के बैरगाछी का रहनेवाला 26 वर्षीय आरोपी मो हसरत पिता जमीरुद्दीन को 20 साल सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई है.
सरकार की ओर से पॉक्सो एक्ट के स्पेशल पीपी श्यामलाल यादव ने बताया कि कारावास की सजा के अलावा विभिन्न धाराओं में 01 लाख 01 हजार रुपया जुर्माना लगाया गया है.
बताया गया कि पीड़िता को डीएलएसए के माध्यम से विक्टिम कंपनसेशन फण्ड से 05 लाख रुपये देने का आदेश जारी किया गया है.
यह आदेश न्यायालय के न्यायधीश श्री कुमार ने स्पेशल (पॉक्सो) 17/2024 मे दिया है.
बताया गया कि मुख्य दुष्कर्म की घटना 11 दिसम्बर 2024 की शाम की है.
वाद के सूचक की नाबालिग बच्ची की बहन का देवर मो हसरत हैं.
रिश्तेदार के नाते दोनों में बातचीत होने लगा था बच्ची को गर्ल्स हाई स्कूल से लंच के समय आरोपी अपने साथ लेके जाता था व गलत काम करता था.
उसी दौरान आरोपी बच्ची का नग्नावस्था का वीडियो बना लिया था व नग्न फोटो खींच लिया था.
जब बच्ची की शादी की बात होने लगा तो मो हरसत बच्ची को धमकाया कि 11 दिसम्बर 2024 की शाम को नहर पर मिलने आओ नहीं तो विडियो फोटो वायरल कर देंगे.
बच्ची जब हसरत के बताए स्थान पर पहुंची तो पहले से घात आरोपी ने सुनसान जगह का फायदा उठाकर वीडियो फोटो वायरल करने की धमकी देते हुए पुनः जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था.
मामले में महिला थाना कांड संख्या 47/2023 दिनांक 18 दिसंबर 2024 को दर्ज हुआ था.
कोर्ट में सभी साक्षियों ने घटना का पूर्ण समर्थन किया.
सभी साक्षियों के बयान से संतुष्ट होकर न्यायालय के न्यायधीश अजय कुमार ने आरोपी को दोषी पाया.
वचाव पक्ष से एलएडीसी के डिप्टी चीफ अधिवक्ता दुखमोचन ने कम से कम सजा देने की गुहार लगाई गई है.






















