नजरिया न्यूज अररिया। विकाश प्रकाश।
बिहार के एक छोटे से गांव में रहने वाली प्रज्ञा कुमारी ने अपनी कला के माध्यम से न केवल अपने गांव बल्कि पूरे राज्य का नाम रौशन किया है। उसकी कला की यात्रा संघर्ष और समर्पण की एक मिसाल है, जो न केवल उसे बल्कि उसके गांव और राज्य को भी गौरवान्वित कर रही है।
प्रज्ञा कुमारी का बचपन से ही रंगों और चित्रों के प्रति गहरा लगाव था। उसने भगवान शिव के दिव्य स्वरूप को 2100 स्क्वायर फीट के विशाल कैनवास पर उकेरने का निश्वय किया, जो एक अद्वितीय कीर्तिमान है। यह पेंटिंग न केवल आकार में विशाल थी, बल्कि इसकी कलात्मकता भी अद्वितीय थी।
प्रज्ञा कुमारी की यह अनूठी कृति सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया में तेजी से वायरल हो गई। हर ओर उसकी सराहना होने लगी और लोग उसकी प्रतिभा को सलाम करने लगे। उसकी इस उपलब्धि के लिए कई गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और शैक्षणिक संस्थानों ने उसे सम्मानित किया।
अब प्रज्ञा बिहार के कला, इतिहास और संस्कृति से जुड़ी 18 मीटर लंबी बिहार के मानचित्र की पेंटिंग पर कार्य कर रही है, जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करेगी। इसके अलावा, वह आर्ट एंड क्राफ्ट में भी रुचि रखती है और अपने हस्तनिर्मित कलाकृतियों को विक्रय कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रही है।
प्रज्ञा कुमारी की यह यात्रा संघर्ष और समर्पण की एक मिसाल है, जो न केवल उसे बल्कि उसके गांव और राज्य को भी गौरवान्वित कर रही है।























