- समारोह पूर्वक मनाई गई रेणु जयंती
नजरिया न्यूज़ अररिया। महान आंचलिक विश्व प्रसिद्ध कथा शिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु की जन्म शताब्दी के मौके पर जिला प्रशासन की ओर से शहर के टाउन हॉल में रेणु महोत्सव 2025 का आयोजन किया गया। रेणु के गांव हिंगना औराही से लेकर जिला मुख्यालय तक कई आयोजन किये गए। साहित्यकार फणीश्वर नाथ रेणु की 104वीं जयंती के मौके पर मुख्यालय में रेणुकुंज स्थित उनकी प्रतिमा पर जिला पदाधिकारी अनिल कुमार, पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार सहित कई वरीय अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।टाउन हॉल में आयोजित रेणु महोत्सव के तीन सत्रों में होने वाले कार्यक्रम की शुरुआत डीएम अनिल कुमार , एसपी अंजनी कुमार के साथ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर की। महोत्सव के पहले सत्र में अतिथियों के साथ साहित्यकारों का स्वागत पुष्प गुच्छ और शॉल ओढ़ाकर किया गया।
मौके को संबोधित करते हुए जिला अधिकारी ने बताया कि पूरे विश्व में फणीश्वरनाथ रेणु ने अररिया को एक पहचान दिलाई है। उनकी लिखी साहित्य, कहानियां और उपन्यास समाज की सच्ची कहानी बयां करती है। उनके लिखे साहित्य से लोगों को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिलेवासी का यह प्रयास होना चाहिए कि उनके द्वारा साहित्य के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्य को हमेशा याद करते हुए उनसे सीख लेनी चाहिए। दूसरे सत्र में तीसरी कसम वह पंचलाईट नाटक के बाद साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन हुआ. उसके बाद संस्कृति कार्यक्रम के उपरांत पुरस्कार वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन नरसिंह नाथ मंडल ने किया।
रेणु की लिखी किताबें स्कूलों में होनी चाहिए: मुंह के पर उपस्थित अन्य वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि आज उनकी पहचान रेणु की वजह से पूरे विश्व में है। उनकी लिखी कहानियों और साहित्य का शोध अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, इंग्लैंड जैसे विकसित देशों में हो रहा है. विदेशों से लोग रेणु के गांव हिंगना औराही आ रहे हैं.। इसीलिए बिहार सरकार उनके जन्मदिन को महोत्सव के रूप में मना रही है। रेणु से प्रेरणा पाकर आज जिले में कई विख्यात साहित्यकार बने हैं। फणीश्वरनाथ रेणु धरोहर हैं। उनकी लिखी किताबें सभी स्कूलों में होनी चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उसे पढ़कर उसका अनुकरण करें।























