- 01 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया
- जुर्माना की राशि नही देने पर आरोपी को 06 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सज़ा भुगतनी होगी
नज़रिया न्यूज़ (रूबी बिनीत), अररिया।
बिहार में प्रतिबंधित 72.900 लीटर अवैध नेपाली शराब बरामदगी का मामला प्रमाणित होने पर न्यायमण्डल अररिया के एडीजे सह एक्साइज-01 कोर्ट के स्पेशल जज राजीव रंजन सिंह ने जिले के नरपतगंज थाना क्षेत्र के बसमतिया वार्ड 05 के रहनेवाले सुरेन्द्र पासवान पिता बद्री पासवान को 05 वर्ष सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई है।
आरोपियों को कारावास की सज़ा के अलावा 01 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है
वही, जुर्माने की राशि जमा नहीं होने पर आरोपी को अलग से 06 माह का अतिरिक्त कारावास की सज़ा भुगतानी होगी।
सरकार की ओर से एक्साइज एक्ट के स्पेशल पीपी संजय मिश्रा एवं उत्पाद के अधिकृत अधिवक्ता चंदन कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि यह सजा उत्पाद 1110/2022 नरपतगंज (बसमतिया) थाना कांड संख्या 325/2022 मे सुनाया गया है।
बताया जाता है कि गुप्त सूचना के आधार पर एसएसबी जवानों ने 16 जुलाई 2022 को करीब 05:55 बजे नेपाल से भारत की ओर बोरी मे सामान लादकर मोटरसाइकिल निबंधन संख्या बीआर 38 वाय 8775 से आ रहे थे. जब भारत की ओर 30 मीटर अंदर एसएसबी के जवान के द्वारा स्तंभ संख्या 194/06 डब्लू पी.38 के पास रोकने का इशारा किये. तो आरोपी भागने का प्रयास किया।
लेकिन, एसएसबी जवानों की सहयोग से आरोपी को पकड़ लिया गया।
मोटरसाइकिल पर बंधे बोरो की तलाशी ली गई तो बंधे बोरे से 100 बोतल नेपाली शराब 300 एमएल का एवं दिलवाले ब्रांड का 300 एमएल का नेपाली शराब 73 बोतल कुल 72.900 लीटर शराब बरामद किया गया।
इस मामले में नरपतगंज (बसमतिया) थाना कांड संख्या 325/2022 दिनांक 11 जुलाई 2022 दर्ज किया गया था।
इस मामले में केस आइओ द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया गया।
चार्जशीट उपरांत संज्ञान लिया गया तथा आरोप गठन (चार्जफ्रेम) के बिन्दु पर आरोपी से पूछे जाने पर उसने कहा था कि बिल्कुल निर्दोष हूँ।
आरोप गठन (चार्जफ्रेम) के पश्चात कोर्ट मे अभियोजन पक्ष की गवाही प्रारंभ किया गया।
जहाँ सभी गवाहो ने घटना का पूर्ण समर्थन किया था।
अभियोजन गवाहो के बयान से संतुष्ट होकर न्यायालय के न्यायधीश श्री सिंह ने आरोपी को दोषी पाया।
सज़ा के बिन्दु पर सरकार की ओर से एक्साइज एक्ट के स्पेशल पीपी संजय मिश्रा ने कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील की।
जबकि वचाब पक्ष के अधिवक्ता महानंद विश्वास ने कम से कम सज़ा देने की गुहार लगाई।
दोनो पक्षो की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय के न्यायधीश श्री सिंह ने आरोपी की सज़ा मुकर्रर की।






















