नजरिया न्यूज़ पटना डेस्क।
पेटू या तोंदू पुलिसवालों के लिए अब बिहार पुलिस मुख्यालय ने एक सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। अगर आप पुलिस की नौकरी में बने रहना चाहते हैं, तो आपको अपनी फिजिकल और मेंटल फिटनेस पर ध्यान देना होगा। हाल ही में, बिहार पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि अनफिट पुलिसकर्मियों को जबरिया रिटायर किया जा सकता है।
डीजीपी का बयान: अनिवार्य सेवा की आवश्यकता
बिहार पुलिस के डीजीपी विनय कुमार ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो पुलिसकर्मी अपनी अनिवार्य सेवा को निभाने में असमर्थ हैं, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। यह प्रावधान पहले भी लागू किया गया है, और अब इसे और सख्ती से लागू किया जाएगा।
निर्देश SSP और SP को
बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी SSP और SP को निर्देश दिया है कि वे अनफिट पुलिसकर्मियों की पहचान करें। इस रिपोर्ट के आधार पर, जो पुलिसकर्मी फिटनेस मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उन्हें रिटायर करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह निर्णय अस्वस्थ और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे पुलिसकर्मियों के लिए भी लागू होगा।
मेडिकल जांच की प्रक्रिया
जबरिया रिटायरमेंट का फैसला पूरी मेडिकल जांच के बाद लिया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल वही पुलिसकर्मी जो वास्तव में अनफिट हैं, उन्हें रिटायर किया जाए। इस कदम का उद्देश्य पुलिस बल की कार्यक्षमता को बढ़ाना और जनता की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
निष्कर्ष
बिहार पुलिस का यह नया निर्णय न केवल पुलिसकर्मियों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि यह एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में भी एक कदम है। फिटनेस को प्राथमिकता देकर, पुलिस बल की कार्यक्षमता और जनता के प्रति उनकी सेवा को बेहतर बनाया जा सकता है। अब यह पुलिसकर्मियों पर निर्भर करता है कि वे अपनी सेहत का ध्यान रखें और अपनी नौकरी में बने रहें।























