सिकटी संवाददाता रंजन राज।
सिकटी प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में इन दिनों प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम जोड़ने को लेकर जमकर वसूली की जा रही है। पंचायतों में सक्रिय बिचौलिये लाभुकों से 1500 सौ से लेकर 2000 रुपये तक की वसूली कर रहे हैं।
वास्तविक एवं योग्य लाभुकों द्वारा राशि देने में असमर्थता जताने पर उन्हें इस योजना का लाभ भविष्य में नहीं मिलने की बात कहकर बरगलाया जा रहा है। प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में बिचौलिये खुलेआम राशि की वसूली कर रहे हैं।
जियो टैगिंग के नाम पर अवैध वसूली
कई लाभुकों का आरोप है कि ग्रामीण आवास सहायक एवं वार्ड सदस्य जियो टैगिंग कर सूची में नाम जोड़ने के नाम पर राशि की मांग कर रहे हैं।
बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम जोड़ने को लेकर सरकार द्वारा कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। हर प्रखंड में कंट्रोल रूम बनाया गया है जिनका नंबर भी पब्लिश किया गया है के बावजूद नाजायज राशि की वसूली कर सरकार के नियमों के विपरीत सूची में नाम जोड़ने का खेल होता है
सिकटी प्रखंड कौआखौह
पंचायत के बेचन तापमा, नारायण तात्मा, गणेश तात्मा, मुनचुन देवी रूबी देवी, मिथिलेश तत्मा, सहित कई लोगों ने बताया कि आवास सहायक कमल कुमार,और कुछ बिचौलिये पात्र एवं अपात्र लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम जुड़वाने के नाम पर 1500 रुपये की राशि लेकर बरगला रहे हैं। जो लोग रुपये देने में असमर्थता जताते हैं उसका नाम नहीं जोड़ने की बात कही जाती है।
इस संबंध में जब नजरिया न्यूज़ के संवाददाता ने जांच पड़ताल किया और आवास सहायक कमल कुमार को दूरभाष से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
क्या कहते हैं सिकटी बीडीओ परवेज आलम
सूची में नाम जोड़ने को लेकर किसी भी तरह की नाजायज राशि लाभुक से यदि कोई मांगता है तो सबूत के साथ इसकी शिकायत दर्ज कराने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। सूची में नाम जोड़ने के लिए गांव-गांव में घूमकर लाभुकों का सर्वे का काम किया जा रहा है। सर्वे के बाद उसे ग्राम सभा से पारित करा कर लाभ दिया जाएगा। इस काम में ग्रामीण आवास सहायक को लगाया गया है।कोई भी वास्तविक लाभार्थी नाम जोड़ने के लिए किसी भी तरह का कोई राशि नहीं दें। प्रखंड मुख्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है कोई बिचौलिया अगर पैसा मांगे तो इसकी शिकायत भी कर सकते। 31 मार्च तक सर्वे का काम किया जाएगा।- परवेज आलम, प्रखंड विकास पदाधिकारी, सिकटी।























