=सदर अस्पताल में जिले के सभी प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य पदाधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
वीरेंद्र चौहान, नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज, 7 फरवरी।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही “कायाकल्प योजना” के तहत आज सदर अस्पताल, किशनगंज में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC), प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (BHM), प्रखंड लेखा प्रबंधक एवं समन्वयक (BM&EA), और एएनएम (ANM) ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, और मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं को और अधिक प्रभावी बनाना था।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक कदम पर सिविल सर्जन डॉ राजेश कुमार ने बताया की स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 2015 में “कायाकल्प योजना” की शुरुआत की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, अस्पताल संक्रमण नियंत्रण, और मरीजों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
सीएस किशनगंज ने बताया कि इस योजना के तहत स्वास्थ्य केंद्रों का आकलन विभिन्न स्तरों पर किया जाता है और अच्छे प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को वित्तीय प्रोत्साहन और पुरस्कार दिए जाते हैं।उन्होंने बताया, “इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को कायाकल्प योजना के मानकों के अनुरूप तैयार करना है। यह योजना न केवल स्वच्छता सुनिश्चित करती है, बल्कि मरीजों को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में भी सहायक है।
किशनगंज, बिहार -प्रशिक्षण से निष्कर्ष निटला कि स्वास्थ्य संस्थानों में फीडबैक सिस्टम लागू किया जाएगा।प्रशिक्षण के दौरान दिए गए सुझावों के आधार पर अस्पतालों में इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जाएगा।चिकित्सा उपकरणों की नियमित जांच होगी और अस्पताल स्टाफ के लिए जागरूकता एवं ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे…
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु के विषय में प्रभारी डीक्यूएसी सुमन सिन्हा ने बताया की इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कायाकल्प योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें निम्नलिखित बिंदु शामिल थे:
स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता बनाए रखना – मरीजों के इलाज के दौरान संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक उपाय।
=बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट – अस्पतालों में बायोमेडिकल कचरे के उचित निस्तारण की प्रक्रिया।
=संक्रमण नियंत्रण (Infection Control) – अस्पतालों में संक्रमण रोकने के लिए किए जाने वाले उपाय और प्रोटोकॉल।
=मरीजों की सुरक्षा और सुविध, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए आवश्यक कदम।
=अस्पताल प्रबंधन में सुधार – स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका और जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने पर जोर।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार तभी संभव है जब हमारे अस्पतालों में स्वच्छता और मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। यह प्रशिक्षण जिले के सभी प्रखंडों में कायाकल्प योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में मदद करेगा।”
जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता
जिलाधिकारी विशाल राज ने इस अवसर पर कहा, “कायाकल्प योजना के तहत स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण से जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मानकों के अनुरूप सुधार किया जाएगा, जिससे मरीजों को अधिक सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सकेगा। प्रशिक्षण से निष्कर्ष निटला कि स्वास्थ्य संस्थानों में फीडबैक सिस्टम लागू किया जाएगा।प्रशिक्षण के दौरान दिए गए सुझावों के आधार पर अस्पतालों में इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जाएगा।चिकित्सा उपकरणों की नियमित जांच होगी और अस्पताल स्टाफ के लिए जागरूकता एवं ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा, स्वास्थ्य संस्थानों में फीडबैक सिस्टम लागू किया जाएगा ताकि मरीजों को और अधिक सुविधाएं मिल सकें। इस प्रशिक्षण के माध्यम से जिले के स्वास्थ्य संस्थानों को कायाकल्प योजना के मानकों के अनुरूप बेहतर बनाया जाएगा। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि मरीजों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में इलाज की सुविधा भी मिलेगी। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की यह पहल निश्चित रूप से जिले में सरकारी अस्पतालों की गुणवत्ता को नई ऊंचाई तक ले जाएगी।























