वीरेंद्र चौहान, नजरिया न्यूज ब्यूरो, किशनगंज,21 दिसंबर।
जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आज प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान (PMSMA) के तहत गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क जांच का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं को उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी देने के साथ-साथ सुरक्षित प्रसव और पोषण संबंधी जागरूकता भी दी गई। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन ने कार्यक्रम का स्वयं निरीक्षण किया।उन्होंने निरीक्षण के दौरान बताया कि PMSMA के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराकर सतत विकास लक्ष्य (SDG) 3 – “सभी के लिए स्वास्थ्य और कल्याण सुनिश्चित करना” की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। यह अभियान मातृत्व स्वास्थ्य को बेहतर बनाकर शिशु और मातृ मृत्यु दर को कम करने का एक सशक्त माध्यम है।
हर गर्भवती महिला तक योजना पहुंचाने का संकल्प
जिला पदाधिकारी ने कहा, “प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के माध्यम से हम जिले में हर गर्भवती महिला को यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उसे समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। यह न केवल उनके स्वास्थ्य को सुरक्षित करेगा, बल्कि शिशु को भी एक स्वस्थ जीवन देगा। हमारा उद्देश्य हर मां और बच्चे का स्वास्थ्य बेहतर बनाना है।”उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई दी, जिन्होंने महिलाओं को इस अभियान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में बड़ी पहल
सिविल सर्जन डॉ. राजेश कुमार ने बताया, “PMSMA जिले में मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। उच्च जोखिम वाली गर्भवस्थाओं (HRP) की पहचान और समय पर उपचार से मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में यह अभियान सफल हो रहा है। हमारा प्रयास है कि हर महिला सुरक्षित प्रसव के लिए तैयार हो।
मातृत्व सुरक्षा को प्राथमिकता
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन ने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, “आज के आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। स्वास्थ्य जांच, पोषण संबंधी जानकारी, और जटिलताओं का समय पर निदान यह सुनिश्चित करता है कि हर गर्भवती महिला को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले। ऐसे आयोजन मातृत्व स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का एक बड़ा कदम हैं।”
गर्भवती महिलाओं को दी गई महत्वपूर्ण सेवाएं
प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत आज आयोजित कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं को निम्नलिखित सेवाएं प्रदान की गईं:
1. स्वास्थ्य जांच: ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, और एनीमिया जैसी समस्याओं की जांच।
2. उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान: जटिल मामलों के लिए विशेष उपचार।
3. पोषण और स्वास्थ्य परामर्श: महिलाओं को उचित आहार और जीवनशैली के महत्व पर जागरूक किया गया।
4. अल्ट्रासाउंड और तकनीकी सेवाएं: गर्भावस्था की स्थिति का मूल्यांकन।
5. विशेषज्ञ परामर्श: गंभीर मामलों में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मार्गदर्शन।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी
ग्रामीण क्षेत्रों में PMSMA ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बढ़ावा दिया है। आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम ने महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सिविल सर्जन ने बताया कि दूरदराज की महिलाओं को भी अब नियमित जांच और समय पर उपचार मिल रहा है।

किशनगंज, बिहार – स्वास्थ्य और कल्याण सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। यह अभियान मातृत्व स्वास्थ्य को बेहतर बनाकर शिशु और मातृ मृत्यु दर को कम करने का एक सशक्त माध्यम है
मातृ स्वास्थ्य पर ध्यान दें
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की कि गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रोत्साहित करें। जिला पदाधिकारी ने कहा, “यह अभियान मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने के साथ-साथ स्वस्थ समाज के निर्माण का एक सशक्त प्रयास है। हर महिला को अपनी और अपने बच्चे की सेहत का ध्यान रखना चाहिए।”
मातृत्व स्वास्थ्य का सशक्त अभियान
प्रसुति रोग विशेषज्ञ सह महिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शबनम यास्मीन ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया है। यह अभियान महिलाओं को न केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्रदान करता है, बल्कि उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित भी करता है।जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से यह कार्यक्रम जिले में मातृत्व स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आया है। PMSMA ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं तक हर नागरिक की पहुंच सुनिश्चित करना एक मजबूत और प्रगतिशील समाज का आधार है।























