संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज,12दिसंबर।
किशनगंज जिला अंतर्गत लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल में मुख्यमंत्री जल नल सात निश्चय जैसी योजना में वित्तीय अनियमिता का एक सनसनीखेज मामल प्रकाश में आया है। किशनगंज जिला में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता ने संवेदकों से वित्तीय लाभ लेकर विभिन्न इकरारनामी के 5 वर्षीय O&M पूर्ण होने से पहले ही टेंडर के लिए जमा अग्रधन की राशि यथा- बैंक गारंटी एवं सिक्योरिटी मनी का 1,47,07,447 रुपये का सत प्रतिशत भुगतान संवेदक को कर दिया है। इसकी जानकारी मिलने पर किशनगंज जिला राजद अध्यक्ष व पूर्व विधायक कमरुल होदा द्वारा अपने पत्रक 114 दिनांक 10.9.2024 को पी एच ई डी विभाग के प्रधान सचिव सहित निगरानी विभाग एवं अन्य पदाधिकारी को जांच कर कार्यवाही का आग्रह किया गया है।
पूर्व विधायक श्री होदा के पत्र के आलोक में संजीव कुमार ( भारतीय प्रशासनिक सेवा) अपर सचिव लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग पटना द्वारा पत्रांक 1218 दिनांक 19.9.2024 को जांच हेतु मुख्य अभियंता लोक अभियंत्रण विभाग प्रक्षेत्र पूर्णिया को निर्देशित किया गया। मुख्य अभियंता ने स्थलीय एवं कार्यालय के सभी दस्तावेजों का अवलोकन कर आरोप के सत्यता की पुष्टि करते हुए अपने ज्ञापांक 669 दिनांक 23.10.2024 द्वारा जांच प्रतिवेदन विभाग को समर्पित कर दिया है।
जांच की सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभागीय सचिव द्वारा संचिका को मंत्री, नीरज कुमार बबलू ( जदयू कोटे मंत्री)के कार्यालय में समर्पित कर दिया है। किंतु विभागीय मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी पर निलंबन की कार्रवाई करने में विलंब कर रहे हैं ।
उल्लेखनीय है कि इसी प्रकार समय पूर्व अग्रधान राशि 1,57,49,974 रुपये भुगतान के आरोप में संलिप्त कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य प्रमंडल पूर्णिया दिलीप चौधरी के विरुद्ध राजद कोटे के पूर्व मंत्री ललित कुमार यादव ने निलंबन की कारवाई की थी।
बिहार -मुख्य अभियंता ने किशनगंज में स्थलीय एवं कार्यालय के सभी दस्तावेजों का अवलोकन कर आरोप के सत्यता की पुष्टि करते हुए अपने ज्ञापांक 669 दिनांक 23.10.2024 द्वारा जांच प्रतिवेदन विभाग को समर्पित कर दिया है…
निश्चित है कि जब सरकार के मंत्री ही भ्रष्ट अधिकारियों का बचाव करने का प्रयास करेंगे तो फिर भ्रष्टाचार पर अंकुश कैसे लगेगा? इन्हीं कारणों से आज जनहित के लिए जारी की गई योजनाएं धरातल पर विफल साबित हो रही हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि जीरो टॉलरेंस व भ्रष्टाचार मुक्त बिहार बनाने का दवा कब तक पूरा होता है।
साथ ही कार्यपालक अभियंता द्वारा जिला के स्थानीय संवेदकों को तरजीह नहीं देकर अपने रसूखदारों को गलत तरीके से निविदा आवंटित करने का मामला भी प्रकाश में आया है। वर्ष 2024 में ही निविदा संख्या 07 (R2) 2023 -24 ग्रुप नंबर 6 राशि 2,05,68,500 की निविदा प्रकाशित हुई थी। कार्यपालक अभियंता ने किशनगंज जिला से बाहर एक ऐसे संवेदक को कार्य का आवंटन कर दिया जिसका अनुभव प्रमाण पत्र, बैंक सर्टिफिकेट फर्जी था। इसकी शिकायत मिलने पर रामचंद्र पांडे, मुख्य अभियंता प्रक्षेत्र पूर्णिया के पत्रांक 662 दिनांक 22.10.2024 द्वारा कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया गया था के नियम के विरुद्ध गलत दस्तावेज पर आवंटित कार्य के एकरानामा में पर रोक लगाई जाए तथा इन से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।























