अरुण सिंह, विशेष संवाददाता नजरिया न्यूज, 11नवंबर।
प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मदरसों पर धांधली और अवैध काम होने का आरोप लगता रहता है और स्कीम बंद होने के लिए उनको ही ज़िम्मेदार ठहराया जाता है।
ओमप्रकाश राजभर, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार
राजभर ने मीडिया से कहा कि जब केंद्र सरकार ने जांच कराई, तो कई मदरसों में गड़बड़ी पाई गई थी और क़रीब 500 से ज़्यादा मदरसों ने अपनी मान्यता ख़त्म करने का पत्र भी दिया है।
राजभर का कहना है :
मदरसा खोलने वालों ने ग़लती की है।किसी ने बच्चों की संख्या भी सही नहीं बताई और परिवार के लोगों को अध्यापक रख लिया।
उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार जब पैसा देती है, तो जांच भी कराती है। सरकार को लगा कि छात्रवृत्ति भी दे रही है और अध्यापक को मानदेय भी दे रही है और धांधली भी हो रही है। 513 मदरसों ने ख़ुद मान्यता रद्द करने के लिए कहा है।
राजभर के अनुसार मदरसों पर उंगली उठती रहती है. इस साल अगस्त में प्रयागराज में अतुरसुइया में एक मदरसे पर नकली नोट छापने के आरोप लगे थे।इस मामले में कई लोग गिरफ़्तार भी किए गए थे।
फिलहाल राजभर ने बताया कि राज्य सरकार प्रयास भी कर रही है कि इस बकाया मानदेय का समाधान निकल जाए।
उनका दावा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार इस मामले को उठा चुके हैं। बता दें कि जो आरोप मदरसा शिक्षकों और मदरसा संस्थानों पर लगे हैं उससे अधिकांश डिग्री कॉलेज, इंटरमीडिएट कालेज, सरकार प्राथमिक विद्यालय और मध्य विद्यालय भी पूरी तरह मुक्त नहीं हैं। प्रत्येक सक्षम परिवार अपने बच्चों को अधिक शिक्षा शुल्क लेने वाले स्कूलों में पढ़ा रहे हैं।






















