डीबी सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज, 21अक्टूबर।
गोदी मीडिया की ईमानदारी अपने प्रतिष्ठान के प्रति होती है और नौकरी में यह ईमानदारी विवशता है लेकिन एंट्री गोदी मीडिया के पत्रकार क्यों बहती गंगा में हाथ धो रहे हैं। इस पर अप्रत्यक्ष प्रकाश डाल रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार अशोक वानखेड़े।साथ में सुनिए ईमानदारी का प्रतिफल स्वर्गीय रतन टाटा को भुगतने पड़े थे।यह भी जानिए जब गुजरात सरकार ने उद्योगपति अडानी की चोरी पकड़ी और तीन हजार रुपये हेराफेरी करने तथा वापसी की उन्हें नोटिस दी। बता रहे वरिष्ठ पत्रकार अशोक वाजपेड़े
दुर्कैश सिंह संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज।






















