संजय ठाकुर संवाददाता पलासी अररिया
पंचायती राज विभाग एवं प्रथम संस्था-यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को पलासी प्रखंड में बाल हितैषी परियोजना के तहत एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बाल हितैषी ग्राम पंचायत के निर्माण, बाल पंचायत के गठन एवं बाल सभा के आयोजन को लेकर पंचायत जनप्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों एवं कार्यपालक सहायकों को जानकारी दी गई। कार्यशाला की अध्यक्षता बीडीओ कुमार अनिकेत ने की।कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत एवं परिचय के साथ हुई। इसके बाद प्रथम-यूनिसेफ के कार्यक्रम प्रबंधक शिवशंकर पाठक ने पीपीटी के माध्यम से बच्चों के चार प्रमुख बाल अधिकार स्तंभ, बाल पंचायत के उद्देश्य, संरचना, कार्य-दायित्व तथा गठन की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पंचायत के प्रत्येक वार्ड से एक किशोर या किशोरी का चयन कर बाल पंचायत का गठन किया जाना है। बाल सभा के माध्यम से बच्चों की जरूरतों और समस्याओं को सामने लाकर उनकी योजनाओं को ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में शामिल करने पर भी जोर दिया गया।बताया गया कि वर्ष में चार बार बाल सभा का आयोजन किया जाना है। 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस, 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस, 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस तथा 20 नवंबर को विश्व बाल दिवस के अवसर पर बाल सभा आयोजित की जाएगी।प्रथम संस्था के प्रखंड समन्वयक धर्मेंद्र कुमार ने बच्चों के लिए संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, जिसमें परवरिश योजना, स्पॉन्सरशिप योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना आदि शामिल हैं, की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास के बिना समग्र विकास अधूरा है। पंचायत स्तर पर बच्चों के मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और उनकी जरूरतों को पंचायत की विकास योजनाओं में प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।कार्यशाला में बाल श्रम एवं बाल विवाह की रोकथाम के लिए समुदाय
स्तर पर जागरूकता बढ़ाने, पंचायतों में बाल अनुकूल माहौल तैयार करने तथा बच्चों से संबंधित सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने पर भी चर्चा हुई। जल्द से जल्द बाल पंचायत का गठन कर बाल सभा से प्राप्त बच्चों की योजनाओं को GPDP में प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने की अपील की गई।कार्यक्रम के अंत में पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति एवं छह स्थायी समितियों को सक्रिय करने, कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने तथा किशोर-किशोरियों को पंचायत स्तरीय बैठकों में भागीदारी का अवसर देने पर जोर दिया गया। इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं महिला हेल्पलाइन नंबर 181 की जानकारी भी दी गई।कार्यशाला में पंचायतों के मुखिया, सभी पंचायत सचिव, कार्यपालक सहायक, प्रखंड समन्वयक अविनाश कुमार सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।


















