फिरौती नही देने पर मारी गोली -पूर्णिया, najarianews.in

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विकास कुमार (जिला प्रभारी)

नजरिया न्यूज़ धमदाहा/ पूर्णिया :

10 लाख रुपया पहुंचा देना वरना पूरे परिवार को  उड़ा देंगे. लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश कहा अब आर या पार. इस धमकी के कुछ माह की चुप्पी के बाद एक बार फिर अपराधियो ने पुर्णिया पुलिस को धमदाहा में दिन दहाड़े चुनौती दी है. 08 मार्च को खाद व्यवसायी शंकर भगत और श्याम ज्वेलर्स के मालिक से मोबाइल से अपराधियों ने 05-05 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी और अब जब मांग की मियाद पूरी हो गई तो गुरुवार को दिन के 11 बजे बनमनखी रोड स्थित खाद दुकान के बाहर बाइक सवार अपराधी ने 02 राउंड फायर कर अपने नापाक मंसूबे का इजहार किया.

रंगदारी मांगने पर पीड़ित व्यवसायियों ने मामला दर्ज कराते हुए उस मोबाइल नंबर 8541964526 का भी जिक्र किया था जिससे रंगदारी मांगी गई थी. जानकारों की माने तो यह घटना तो होनी ही थी, लेकिन चुनाव में पुलिस की पैनी निगाह और जिला बदर के दायरे में आने की वजह से दहशत की गोली चलने में विलंब हुआ. अपराधियों की गतिविधि सीसीटीवी में कैद हो चुकी है, जिसमे बाइक पर सवार दो अपराधी को देखा जा सकता है, जिसमे एक ने हेलमेट तो दूसरे ने मुँह को लाल गमछे में लपेट रखा है.

कयास लगाए जा रहे हैं की गोली चलाने वाला गुर्गा हो सकता है. अहम यह है कि जब थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई और रंगदारी वाले मोबाइल नंबर की जांच की गई तो वह नंबर एक प्राइवेट बैंक की महिला कर्मी की निकली, जो कुछ दिनों पहले महिला से लूट ली गई थी. पुलिस ने भी मामले की तहकीकात पर वही विराम लगा दिया जिसका साइड इफ़ेक्ट गुरुवार को सामने आया. दरअसल तब आम लोगों के बीच चर्चा थी की रंगदारी मांगने वाले ने आका का नाम तो बताया ही था, किस जगह राशि पहुचाना है, इसका भी जिक्र किया था. लेकिन पीड़ित व्यवसायियों ने आवेदन में इस बात का जिक्र नही किया था. वजह साफ है, थाने से 300 मीटर की दूरी पर जब रंगदारी मांगी जा रही हो और अल्टीमेटम के तौर पर गोली हवा में दागी जाती हो तो पुलिस से अधिक अपराधी पर भरोसा जताना मजबूरी होती है. दरअसल पुर्णिया में रंगदारी की फसल 04 दशक से अधिक समय से लहलहा रही है. आका का चेहरा जरूर समय-समय पर बदलता रहा है लेकिन पीड़ित हमेशा व्यवसायी ही रहे हैं.

रंगदारी मांगने का तरीका हमेशा से एक ही रहा है, पहले फ़ोन, फिर गोलीबारी और फिर अंत मे समझौता. रंगदारी के नेशनल हाई वे पर बहरहाल कई रंगदारों की गाड़ी फर्राटा भर रही है और उसमें से कई अब राजनीतिक दलों के सक्रिय कार्यकर्ता हैं औऱ हाल ही में सम्पन्न लोक सभा चुनाव में कोई विकास के नाम पर तो कोई अपराधमुक्त समाज के निर्माण को मुद्दा बना वोट मांगता नजर आ रहा था. गुरुवार को खाद व्यवसायी की दुकान पर गोली चलने के बाद खासकर व्यवसायी दहशत में हैं और कोई कुछ बोलने को तैयार नही है. एसडीपीओ प्रेमसागर घटना की पुष्टि करते है जबकि थानाध्यक्ष प्रदीप पासवान कहते हैं की महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, छापेमारी जारी है.

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