अररिया- स्तनपान के प्रति जन जागरूकता फैलाने की ली शपथ।

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  • जिले में 07 अगस्त तक होगा विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन।
  • स्तनपान से बच्चों को मिल सकती है कई गंभीर बीमारियों से निजात

अररिया, 04 अगस्त। जिले में 01 से 07 अगस्त तक ”स्तनपान के लिए कदम बढ़ाएं: शिक्षित करें, सहयोग दें” थीम के साथ स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। इसे लेकर जिले में विभिन्न स्तरों पर जागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। विश्व स्तनपान सप्ताह के उद्देश्यों की पूर्ति के लिये सिकटी सीएचसी में एमओआईसी डॉ एम अजमत राना की अगुआई में स्वास्थ्य कर्मियों की बैठक आयोजित की गयी। इसमें प्रखंड में कार्यरत सभी एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान एमओआईसी सिकटी ने स्वास्थ्य कर्मियों को स्तनपान के महत्व से अवगत कराया। साथ ही क्षेत्र की गर्भवती व धात्री महिलाओं के बीच इसे लेकर जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई ।

नवजात के सर्वांगीण विकास के लिये स्तनपान जरूरी

सीएचसी प्रभारी डॉ अजमत राना ने कहा कि स्तनपान से पांच साल तक के बच्चों की मृत्यु संबंधी मामलों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ये बच्चों को दस्त, निमोनिया सहित अन्य गंभीर रोगों से बचाता है। साथ ही बच्चों के सर्वांगीण विकास में भी स्तनपान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि जन्म के एक घंटे के दौरान बच्चों को स्तनपान कराना जरूरी है। मां का पहला गाढ़ा पीला दूध नवजात के लिये अमृत है। उन्होंने कहा कि अभियान के क्रम में विभिन्न स्तरों पर जागरूकता संबंधी कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। इसमें पिरामल स्वास्थ्य सहित अन्य सहयोगी संस्थाओं का सहयोग प्राप्त है। अभियान की सफलता में आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी सेविकाओं का अपेक्षित सहयोग जरूरी है।

विभिन्न स्तरों पर हो रहा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

स्वास्थ्य प्रबंधक संदीप कुमार ने कहा कि स्तनपान के प्रति गर्भवती व धात्री महिलाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से आरोग्य दिवस व वीएचएसएनडी सत्र में शामिल महिलाओं को स्तनपान के महत्व से अवगत कराया जा रहा है। गृह भ्रमण के दौरान आशा कार्यकर्ता धात्री महिलाओं को कंगारू मदर केयर तकनीक की जानकारी देते हुए उन्हें स्तनपान कराने के सही तरीके की जानकारी दे रही हैं। क्षेत्र में इसे लेकर सामुदायिक स्तर पर गोष्ठी, जागरूकता रैली का संचालन सहित अन्य गतिविधियां आयोजित किये जाने की जानकारी उन्होंने दी।

आहार संबंधी उचित मार्गदर्शन से सेहतमंद होंगे बच्चे

स्तनपान नवजात ही नहीं गर्भवती महिलाओं के भी बेहतर स्वास्थ्य के लिहाज से जरूरी है। स्तनपान के प्रति जागरूकता के साथ-साथ बच्चों को छह माह तक सिर्फ मां का दूध व इसके बाद स्तनपान के साथ ऊपरी आहार का सेवन कराने के प्रति भी जागरूक किया जाना है। ऊपरी आहार के साथ दो साल तक बच्चों को निश्चित रूप से स्तनपान कराना जरूरी है। स्तनपान सप्ताह के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये आईसीडीएस, जीविका, ग्रामीण कार्य विभाग की मदद ली जा रही है। प्रमुख अस्पतालों में विशेष स्तनपान कक्ष व बोतल बंद दूध मुक्त परिसर बनाने की कवायद की जा रही है।

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